Monday, July 30, 2018

26,जुलाई, आरक्षण दिवस



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26,जुलाई,1902
*इतिहास के पन्नों से*
*🙏🙏🌹🌹🌹🙏🙏*
*116 वें आरक्षण दिवस के अवसर पर सभी बहुजन समाज के शोषित,वंचित, पिछड़े भाईयों को लख-लख बधाईया और हार्दिक मंगलकामनांए*
 *आरक्षण दिवस के अवसर मैं अमित गौतम बहुजन नायक आरक्षण के जनक मशीहा राजा छत्रपति शाहूजी महाराज जी को कोटि-कोटि नमन करता हूं* 
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**समग्र सामाजिक क्रांति के अग्रदूत आरक्षण के* *जनक,बहुजन प्रतिपालक,कुर्मी सचान,पटेल,कटियार,बहुजन समाज के गौरव मशीहा राजा छत्रपति शाहूजी महाराज जी आज से 116 साल पहले भारत की आरक्षण व्यवस्था के जनक छत्रपति शाहू जी महाराज ने 26 जुलाई 1902 को कोल्हापुर स्टेट की सरकारी नौकरियों में शूद्र- अतिशूद्र जातियों के लिए 50 प्रतिशत आरक्षण की अधिसूचना जारी की।*
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*बहुजन नायक छत्रपति शाहूजी महाराज का मानना था कि आरक्षण केवल नौकरी का मामला नहीं है बल्कि आरक्षण प्रतिनिधित्व का मामला है। यही वजह है कि छत्रपति शाहूजी महाराज अनुपातिक प्रतिनिधित्व की वकालत किया करते थे।* 
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*छत्रपति साहू महाराज ने कोल्हापुर रियायत की नगरपालिका के चुनाव में अछूतों के लिए भी सीटें आरक्षित की थी।यह पहला मौका था की राज्य नगरपालिका का अध्यक्ष शोषित वंचित जाति से चुन कर आया था।* 
 *बहुजन समाज पार्टी की राष्टीय अध्यक्ष,उत्तर प्रदेश की तत्कालीन मुख्यमंत्री द आयरन लेडी बहन मायावती जी ने अपने शासनकाल में छत्रपति शाहूजी महाराज के नाम पर सन 2000 में जिला बनाया, उत्तर प्रदेश की सबसे बड़ी यूनिवर्सिटी कानपुर का नाम छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय रखा ,लखनऊ और ग्रेटर नोयडा के स्मारकों मे छत्रपति शाहू जी महाराज की आदमकद मूर्तियां लगवाई।*
*छत्रपति शाहू जी महाराज का कहना था*
*"कल न मै होंऊगा, न आप होंगे, न राजा होंगे, न रजवाड़े होंगे। मगर यह राष्ट्र हमेशा रहेगा और हमे इसको आगे बढ़ाने का काम करते रहना है। समाज मे सबको सम्मान मिले, सभी शिक्षित होकर राष्ट्र के उत्थान मे भागीदार बनें। तभी हमारा जीवन सफल माना जायेगा।"*
*छत्रपति बनने के बाद शाहूजी महाराज ने देखा कि जातिवाद,भेदभाव, पाखडंवाद के कारण समाज का एक वर्ग पिस रहा है। अतः उन्होंने शोषितों, पिछड़ो,वचिंतो के उद्धार के लिए योजना बनाई और उस पर अमल आरंभ किया। छत्रपति शाहूजी महाराज ने वंचितो,शोषितों और पिछड़ी जातियों के लोगों के लिए विद्यालय खोले और छात्रावास बनवाए। इससे उनमें शिक्षा का प्रचार हुआ और सामाजिक स्थिति बदलने लगी।* 
*परन्तु दूषित मानसिकता से ग्रस्ते लोगों ने इसका विरोध किया।* 
वे छत्रपति शाहू जी महाराज को अपना शत्रु समझने लगे। उनके पुरोहित तक ने यह कह दिया कि "आप शूद्र हैं और शूद्र को वेद के मंत्र सुनने का अधिकार नहीं है। छत्रपति साहू महाराज ने इस सारे विरोध का डट कर सामना किया।
सन 1902 के मध्य में छत्रपति शाहू जी महाराज इंग्लैण्ड गए।* उन्होंने वहीं से एक आदेश जारी कर कोल्हापुर रियासत के  शासन-प्रशासन के 50 प्रतिशत पद पिछड़ी जातियों के लिए आरक्षित कर दिये। 
उच्च शिक्षा के लिए छत्रपति शाहूजी महाराज ने शोषितों वंचितों,पिछड़ो को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई। छत्रपति शाहूजी महाराज के प्रयासों का परिणाम उनके शासन में ही दिखने लग गया था। 
स्कूल और कॉलेजों में पढ़ने वाले शोषित वंचित, पिछड़ी जातियों के लड़के-लड़कियों की संख्या में उल्लेखनीय प्रगति हुई थी। कोल्हापुर के महाराजा के तौर पर साहू महाराज ने सभी जाति और वर्गों के लिए काम किया।
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छत्रपति साहू महाराज के कार्यों से उनके विरोधी भयभीत थे और उन्हें जान से मारने की धमकियाँ दे रहे थे।
 *इस पर छत्रपति शाहूजी महाराज ने कहा था कि- "वे गद्दी छोड़ सकते हैं, मगर सामाजिक प्रतिबद्धता के कार्यों से वे पीछे नहीं हट सकते।"*
*छत्रपति शाहूजी महाराज जी ने 15 जनवरी, 1919 के अपने एक महत्वपूर्ण आदेश में कहा था कि- "उनके राज्य के किसी भी कार्यालय और गाँव पंचायतों में भी अछूत-पिछड़ी जातियों के साथ समानता का बर्ताव हो, यह सुनिश्चित किया जाये।*
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 *उनका स्पष्ट कहना था कि- "छुआछूत को बर्दास्त नहीं किया जायेगा। उच्च जातियों को दलित जाति के लोगों के साथ मानवीय व्यवहार करना ही चाहिए। जब तक आदमी को आदमी नहीं समझा जायेगा, समाज का चौतरफा विकास असम्भव है।"*
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*15 अप्रैल, 1920 को नासिक में 'उदोजी विद्यार्थी' छात्रावास की नीव का पत्थर रखते हुए साहू महाराज ने कहा था कि- "जातिवाद का अंत ज़रूरी है. जाति को समर्थन देना अपराध है। हमारे समाज की उन्नति में सबसे बड़ी बाधा जाति है। जाति आधारित संगठनों के निहित स्वार्थ होते हैं। निश्चित रूप से ऐसे संगठनों को अपनी शक्ति का उपयोग जातियों को मजबूत करने के बजाय इनके खात्मे में करना चाहिए|"उनका स्पष्ट कहना था कि- "छुआछूत को बर्दास्त नहीं किया जायेगा। उच्च जातियों को दलित जाति के लोगों के साथ मानवीय व्यवहार करना ही चाहिए। जब तक आदमी को आदमी नहीं समझा जायेगा, समाज का चौतरफा विकास असम्भव है।"*
*छत्रपति शाहूजी महाराज हमेशा समानता की बात करतें थे।*
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*आधुनिक भारत के लिए महत्त्वपुर्ण योगदान और देश इंसानों के जीवन में अद्वितीय बदलाव लाने वाले महान शख्सियत परम पूज्य बहुजन नायक छत्रपति शाहूजी महाराज जी के चरणों में मैं कोटि-कोटि नमन करता हूं*
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*भारत वर्ष में बहुजन समाज को गुलामी की जंजीरों से मुक्त कराने वाले बहुत से संतो,गुरूओं,और महापुरूषों ने बहुजन समाज को हक दिलाने के लिए आजीवन संघर्ष किया है।*
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*जिनमें से एक महामानव सामाजिक क्रांतिकारी छत्रपति शाहूजी महाराज जी भी है ।*
*सदियों से जिन लोगों को अपनी बात कहने का हक नहीं था, हजारों सालों से दबाया गया  उन लोगों को छत्रपति शाहूजी* *महाराज के शासन-प्रशासन ने उन्हें बोलने की स्वतंत्रता प्रदान कर दी।*
*बहुजन नायक छत्रपति शाहूजी महाराज ऐसे योद्धा, महामानव का नाम है, जिन्होंने शोषण के विरुद्ध आवाज बुलंद की उपेक्षितों को उनका हक दिलाने के लिए जीवन समर्पित कर दिया।*
 *जातिगत भेदभाव पांखडवादको बढाने वालों  के खिलाफ वास्तविक और ठोस लड़ाई छेड़ने वालों में छत्रपति शाहूजी महाराज जी का उल्लेखनीय नाम है।*
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*शोषित समाज को जागृत करने में उनके योगदान को हमेशा सम्मान के साथ याद किया जाएगा।*
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*ऐसे महापुरुष महामानव के चरणों में श्रद्धा के सुमन अर्पित करता हूं। मैं अमित गौतम जनपद-रमाबाई नगर कानपुर*
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*साथियों हमें ये बात हमेशा याद रखनी चाहिए कि हमारे पूर्वजों का संघर्ष और बलिदान व्यर्थ नहीं जाना चाहिए। हमें उनके बताए मार्ग का अनुसरण करना चाहिए।*
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*ब्रिटिश  कालीन भारत के 10 सर्वाधिक प्रभावशाली राज्यों मे से एक कोल्हापुर के शासक थे, राजऋषि छत्रपति शाहूजी महाराज के शासनकाल मे लिये गये जनकल्याणकारी फैंसलों की गूंज लंदन तक सुनाई पड़ती थी। उनकी लोककल्याणकारी,जन उपयोगी नीतियों से प्रभावित होकर कैंब्रिज यूनीवर्सिटी ने उन्हें डाॅक्टर ऑफ लाॅ ('LLD) की उपाधि से सम्मानित किया। ऐसे महामानव,युगपुरूष बहुजन महानायक को मैं अमित गौतम जंनपद-रमाबाई नगर कानपुर शत-शत नमन करता हूँ*
*तमन्ना सच्ची है, तो रास्ते मिल जाते हैं।*
*तमन्ना झूठी है,तो बहाने मिल जाते हैं।।*
*जिसकी जरूरत है रास्ते उसी को खोजने होंगे।*
*निर्धनों का धन उनका अपना संगठन है।*
*ये मेरे बहुजन समाज के लोगों अपने संगठन*
*अपने झंडे को मजबूत करों*
*शिक्षित हो संगठित हो , संघर्ष करो*
*साथियों हमें ये बात हमेशा याद रखनी चाहिए कि हमारे पूर्वजों का संघर्ष और बलिदान व्यर्थ नहीं जाना चाहिए। हमें उनके बताए मार्ग का अनुसरण करना चाहिए।*
*🙏🙏🌹🌹🌹🙏🙏* 
*अम्बेडकरवादी भाईयों, बहनो,को सप्रेम जयभीम! सप्रेम जयभीम !!* 
 *सप्रेम जयभीम !!!*
*डॉ. बाबासाहेब आंबडेकर ने* 
 *कहा है* 
 *“जिस समाज का इतिहास नहीं होता, वह समाज कभी भी* 
*शासक नहीं बन पाता… क्योंकि इतिहास से प्रे मिलती* 
*🙏🙏🌹🌹🌹🙏🙏* 
*है, प्रेरणा से जागृति आती है, जागृति से सोच बनती*
 *है, सोच से ताकत बनती है, ताकत से शक्ति बनती है और शक्ति से शासक बनता है ”* 
*शिक्षित हो संगठित हो , संघर्ष करो*
*साथियों हमें ये बात हमेशा याद रखनी चाहिए कि हमारे पूर्वजों का संघर्ष और बलिदान व्यर्थ नहीं जाना चाहिए। हमें उनके बताए मार्ग का अनुसरण करना चाहिए।*
*अम्बेडकरवादी भाईयों, बहनो,को सप्रेम जयभीम! सप्रेम जयभीम !!* 
 *सप्रेम जयभीम !!!*
*डॉ. बाबासाहेब आंबडेकर ने* 
 *कहा है* 
 *“जिस समाज का इतिहास नहीं होता, वह समाज कभी भी* 
*शासक नहीं बन पाता… क्योंकि इतिहास से प्रे मिलती* 
*🙏🙏🌹🌹🌹🙏🙏* 
*है, प्रेरणा से जागृति आती है, जागृति से सोच बनती*
 *है, सोच से ताकत बनती है, ताकत से शक्ति बनती है और शक्ति से शासक बनता है ”* 
 *इसलिए मैं अमित गौतम जनपद-रमाबाई नगर कानपुर* 
 *आप लोगो को इतिहास के उन पन्नों से रूबरू कराने की कोशिश कर रहा हूं* 
*🙏🙏🌹🌹🌹🙏🙏* 
 *जिन पन्नों से बहुजन समाज का सम्बन्ध है* 
 *जो पन्ने गुमनामी के अंधेरों में खो गए* 
 *और उन पन्नों पर धूल जम गई है,* 
 *उन पन्नों से धूल हटाने की कोशिश कर रहा हूं* 
 *इस मुहिम में आप लोगों मेरा साथ दे, सकते हैं* 
 *✍✍✍✍✍✍✍* 
*पता नहीं क्यूं बहुजन समाज के महापुरुषों के बारे* 
 *कुछ भी लिखने या प्रकाशित करते समय “भारतीय* 
 *जातिवादी मीडिया” की कलम से स्याही सूख जाती है* 
*इतिहासकारों की बड़ी*
 *विडम्बना ये रही है,कि* 
 *उन्होंने बहुजन नायकों के* 
 *योगदान को इतिहास में जगह* *नहीं दी* 
 *इसका सबसे बड़ा कारण* 
 *जातिगत भावना से ग्रस्त होना* 
 *एक सबसे बड़ा कारण है* 
*🙏🙏🌹🌹🌹🙏🙏* 
 *इसी तरह के तमाम ऐसे बहुजन नायक हैं,* 
 *जिनका योगदान कहीं दर्ज न हो पाने से वो इतिहास के पन्नों में गुम* *हो गए.* 
 *उन तमाम बहुजन नायकों को* 
 *मैं कोटि-कोटि नमन करता हूं*
 *जय भीम       जय भारत* 
              *नमो बुद्धाय* 
  *जय जंगल जय जोहार*
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नमो बुद्धाय 
जय रविदास
जय कबीर
जय भीम
जय नारायण गुरु
जय माता रमाबाई अंबेडकर जी
जय सावित्रीबाई फुले
जय ऊदा देवी पासी जी
जी झलकारी बाई
जय बिरसा मुंडा
जय बाबा घासीदास
जय संत गाडगे बाबा
जय बिरसा मुंडा
जय छत्रपति शाहूजी महाराज
जय शिवाजी महाराज
जय काशीराम साहब
जय मातादीन भंगी जी
जय पेरियार ललई सिंह यादव
*अमित गौतम*
              *क्वारडिनेटर*
                 *बामसेफ*
             *युवा सामाजिक*
                *कार्यकर्ता*           
              *बहुजन समाज*
       
*🙏🙏🌹🌹🌹🙏🙏*

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